Friday, 28 May 2021

Webinar on UN Global Road Safety Week (17th May to 23rd May)



It can not be more devastating than to know that everyday we lose 700 kids globally on our killer roads. Keeping this fact in view, this time UN Global Road Safety week has kept its theme Love 30, which implies limiting vehicle speed to 30Km/H in restricted areas like, school zone, hospitals, residential area, market place, construction site and other vulnerable areas.  

As a part of the UN Global Road Safety Week, IHIF organized webinars to educate people from various fields on this subject. People from the community were also made aware of this subject. IHIF's effort and pioneering work in the field of Road Safety was appreciated by Shri K. C. Gupta, Add. Secretary, MORTH, Government of India.

Monday, 24 May 2021

26 मई को पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा

 


26 मई 2021 (5 ज्येष्ठ, शक संवत 1943) को पूर्ण चंद्र ग्रहण घटित होगा । भारत में चंद्रोदय के तत्काल बाद ग्रहण की आंशिक प्रावस्था का अंत अल्प अवधि के लिए भारत के उत्तर पूर्वी हिस्सों (सिक्किम को छोड़कर), पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों, ओड़िशा के कुछ तटीय भागों तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह से दिखाई देगा ।

यह ग्रहण दक्षिण अमरीका, उत्तर अमरीका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अंटार्टिका, प्रशांत महासागर तथा हिंद महासागर के क्षेत्रों में दिखाई देगा ।

ग्रहण की आंशिक प्रावस्था का प्रारम्भ भा.मा.स. अनुसार घं.15 मि.15 पर होगा । ग्रहण की पूर्णावस्था भा.मा.स. अनुसार घं. 16 मि. 39 पर आरम्भ होगी । ग्रहण की पूर्णावस्था का अंत भा.मा.स. अनुसार घं. 16 मि. 58 पर होगा तथा इसकी आंशिक प्रावस्था का अंत भा.मा.स. अनुसार घं. 18 मि. 23 पर होगा ।

19 नवम्बर 2021 को घटित होने वाला अगला चंद्र ग्रहण भारत में दृश्य होगा । यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण होगा जिसकी आंशिक प्रावस्था का अंत चंद्रोदय के तत्काल उपरांत अल्प अवधि के लिए अरुणांचल प्रदेश और असम के सुदूर उत्तर पूर्वी हिस्सों से दृश्य होगा ।

चंद्र ग्रहण पूर्णिमा को घटित होता है जब पृथ्वी सूर्य एवं चंद्रमा के बीच आ जाती है तथा ये तीनों एक सीधी रेखा में अवस्थित रहते हैं । पूर्ण चंद्र ग्रहण तब घटित होता है जब पूरा चंद्रमा पृथ्वी की प्रच्छाया से आवृत हो जाता है तथा आंशिक चंद्र ग्रहण तब घटित होता है जब चंद्रमा का एक हिस्सा ही पृथ्वी की प्रच्छाया से ढक पाता है ।

Tuesday, 18 May 2021

कोरोना के खिलाफ जंग लडने वाले प्रसिद्ध चिकित्सक पद्मश्री डॉ. केके अग्रवाल आखिरकार जिंदगी की जंग हार गए

वैक्सीन की दोनों डोज लगी थी लेकिन कोरोना से बच नहीं पाए। वैक्सीन की कारगरता पर उठे सवाल


इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और हार्ट केयर फाउंडेशन के प्रमुख एवं पद्मश्री डॉ. केके अग्रवाल(62) का सोमवार रात करीब 11.30 बजे कोरोना संक्रमण के कारण निधन हो गया। वे पिछले कई दिन से एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती थे। तीन दिन पहले ही तबीयत बिगड़ने के चलते उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था।

डॉ. अग्रवाल कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए दी जा रही वैक्सीन (Vaccine) की दोनों डोज भी लगवा चुके हैं. डॉ. अग्रवाल दिल्ली ही नहीं देश के दूसरे राज्यों में भी हार्ट से संबंधित सभी बीमारियों का अच्छे तरीके से सलाह देने और उनका इलाज कराने में पूरी मदद करते थे. गौरतलब है कि पिछले विभिन्न अस्पतालों में कई चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की कोरोना से मौत हो चुकी है जिन्हें वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी थी। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि वैक्सीन कितना कारगर है।

दो महीने पहले ही अग्रवाल ने वैक्सीन की दोनों खुराक भी ली थीं, लेकिन बीते माह वह संक्रमण की चपेट में गए। अग्रवाल को साल 2010 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। कोरोना के दौरान भी वह  लोगों को फ्री ओपीडी सेवा दे रहे थे. इतना ही नहीं वह लगातार लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उससे बचाव और इम्युनिटी को किस तरीके से मजबूत किया जा सके, इसको लेकर लगातार सोशल मीडिया पर वीडियो भी जारी करते रहे.

डा़ अग्रवाल कुछ समय पहले ही वह कोरोना पॉजिटिव हो गए थे. उनकी पत्नी भी कोरोना पॉजिटिव हो गईं और वह होम आइसोलेशन में है. पिछले दिनों ज्यादा तबीयत खराब होने की वजह से उनको वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया था. उसके बाद से उनकी हालत में कोई सुधार नहीं देखा जा रहा था.

एम्स में भर्ती डॉ. अग्रवाल का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम कर रही थी. हालांकि कुछ समय से उनकी हालत स्थिर बनी हुई थी.  डा़ केके अग्रवाल ने अपने ट्विटर अकाउंट पर बीते 28 अप्रैल को जानकारी दी थी कि वह कोरोना संक्रमित हैं।

इस बारे में आधिकारिक रूप से जानकारी देते हुए कहा गया, काफी दुख के साथ सूचित किया जा रहा है कि डॉ. केके अग्रवाल का 17 मई की रात 11.30 बजे के करीब कोरोना वायरस से निधन हो गया है। जब से वह डॉक्टर बने थे, उन्होंने अपना जीवन लोगों और स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर समर्पित कर दिया था।

गौरतलब है कि 2 दिन पहले ही डॉ. अग्रवाल के परिजनों की ओर से एक ब्यान जारी किया गया था उन्होंने अनुरोध करते हुये कहा था कि हमने नोटिस किया है कि डॉ के के अग्रवाल के स्वास्थ्य के बारे में निराधार अफवाह फैलाई जा रही हैं जिसके कारण उनके परिवार और शुभचिंतकों को बहुत परेशानी हुई है.

बयान में यह भी कहा गया था कि आपको सूचित किया जाता है कि हालांकि डॉ. अग्रवाल इस समय कोविड-19 (COVID-19) संक्रमण से गंभीर रूप से जूझ रहे हैं. लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम उनका इलाज कर रही है और उनकी हालत स्थिर है. परिजनों ने अनुरोध किया है कि ऐसी किसी भी अफवाह पर विश्वास करने या साझा करने से बचें और उनके जल्दी स्वस्थ होने की प्रार्थना करें. लेकिन लगातार उनकी हालत में कोई सुधार नहीं होने की वजह से उनका आज देर रात्रि निधन हो गया.