Saturday, 26 October 2019

क्या दीवाली के बाद स्मॉग के कारण आपकी तबियत खराब रहती है?

दिवाली को रोशनी का त्यौहार कहा जा सकता है। हालांकि आजकल यह आतिशबाजी और उसके कारण पैदा हुए धुएं और सांस से संबंधित बीमारियों का पर्याय बन गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार पटाखों के जलने से बड़ी मात्रा में वायु प्रदूषक, विशेष रूप से सल्फर डाइऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और पार्टिकुलेट मैटर कण वायुमंडल में छोड़े जाते हैं। किसी बच्चे को बीमार देखना हालांकि कष्टदायक होता है लेकिन अगर बच्चे को सांस की बीमारियों के कारण सांस लेने में कष्ट होते देखना माता-पिता के लिए सबसे अधिक कष्टकारी होता है। हालांकि ज्यादातर माता-पिता को अपने बच्चों को ऐसी जगहों पर ले जाने की सलाह दी जाती है जहां अपेक्षाकृत कम प्रदूषण हो। लेकिन कुछ माता-पिता कई कारणों से अपना शहर को नहीं छोड़ सकते हैं। प्रसिद्ध होम्योपैथ विशेषज्ञ डॉ. बत्रा ग्रूप ऑफ कंपनीज के संस्थापक और सेवानिवृत अध्यक्ष डॉ. मुकेश बत्रा ने ऐसे सुझाव दिये हैं, जिन पर अमल कर प्रदूषण से संबंधित श्वास की समस्याओं और श्वसन रोगों से निपटने में आपको मदद मिलेगी और आप अपने शहर में ही अपने को अपने कमरे में बंद रखने के बजाय आप दिवाली का आनंद उठा सकेंगे। पर्यावरण से संबंधित समस्याओं के लिए कुछ सलाह एयर प्युरिफायर खरीदें और इसे साफ रखें। अपने एयर कंडीशनर (एसी) के फ़िल्टर को साफ रखें। • घरों के अंदर कम प्रदूषण करें - फर्नीचर की डस्टिंग करें पुरानी कुशन और तकिए को धो दें जिनमें शायद वर्षों से धूल कण जमा हो गए हैं। रेस्पिरेटर पहनें – हालांकि फेस मास्क आपको बड़े प्रदूषक कणों से बचाते हैं, जबकि रेस्पिरेटर मास्क चेहरे को पूरी तरह से ढक लेते हैं और दूषित हवा को आपके मुंह या नाक में प्रवेश करने से रोकने के लिए फ़िल्टर करते हैं। ऑफ-आवर में व्यायाम करें – लोकप्रिय धारणा के विपरीत, बिल्कुल सुबह या देर शाम में व्यायाम न करें क्योंकि दिन के इन समय के दौरान ठंडी हवा प्रदूषकों के कारण भारी होती है जो पृथ्वी के करीब आ जाती हैं। अस्थमा प्रबंधन के लिए कुछ टिप्स अपने घर में धूल और पराग कणों को साफ करेंपराग के मौसम के दौरान, खिड़कियों को बंद रखें और एयर कंडीशनर का उपयोग करें। टाइल या लकड़ी के फर्श पर कालीनों को बदलकर धूल को कम करें। वैसे पर्दे और ब्लाइंड का इस्तेमाल करें जिन्हें धोया जा सकता है। • वैक्यूम- गद्दे वाले फर्नीचर और मैट्रेस की नियमित रूप से सफाई करें और साथ ही अपने पालतू जानवर के बिस्तर भी साफ रखेंधूल साफ करते समय या बाहर जाने के दौरान अपनी नाक और मुंह पर एक स्कार्फ पहन लें। खुली हवा में योग व्यायाम या एक्सरसाइज करें।


• छींक आते ही आरंभ में ही ठंड और फ्लू का इलाज करेंब


च्चों के लिए कुछ टिप्स


• घर के अंदर रहें


- वायु प्रदूषण से बचने के लिए सबसे स्पष्ट समाधान इससे दूर रहना है, विशेष रूप से उस समय जब स्मॉग अपने चरम पर रहता है। स्कूल या चिकित्सक के पास जाने जैसी बहुत जरूरी गतिविधियों के दौरान अपने बच्चों के प्रदूषण के जोखिम को कम करने का प्रयास करें


कई गतिविधियों को एक साथ करें - यदि आपको और आपके बच्चों को बाहर जाने की ज़रूरत है, तो रोज के काम / गतिविधियों को एक ही साथ करने का प्रयास करें ताकि आप कई बार बाहर जाने से बच सकें। शहर के मुख्य इलाकों और वाणिज्यिक इलाकों में जाने से परहेज करें और वैसे जगहों की तलाश करने का प्रयास करें जो उपनगरों में स्थित हों या धुएं और प्रदूषण के स्रोतों से दूर हों।


कचरा नहीं जलाएं – दुर्भाग्य से कई भारतीय घर अभी भी कचरे के प्रबंधन के रूप में ऐसा करते हैं। प्लास्टिक जैसी ज्वलनशील चीजें हवा की गुणवत्ता को और खराब कर सकती हैं। कचरे से छुटकारा पाने के लिए पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ उपाय की तलाश करेंकाफी मात्रा में तरल पदार्थ पीएं – परिवार में सभी को, विशेष रूप से बच्चों को काफी मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन की सलाह दी जाती है। यह शरीर को डिटॉक्सिफाइ करने और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है जो लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। कठिन गतिविधि से बचें – जब बच्चे श्रमसाध्य खेल खेलते हैं तो वे हांफने लगते हैं। वे तेजी से सांस लेने लगते हैं। इससे उनकी सांस के जरिये आसपास के विभिन्न प्रदूषकों के उनके शरीर में प्रवेश करने की दर में वृद्धि हो जाती है। स्वच्छ हवा वाले दिनों में ही खेल और भारी गतिविधियां करें। समुचित आहार का सेवन करें - अधिक वायु प्रदूषण के समय के दौरान, अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाएं। ऐसे फलों और सब्जियों का सेवन करें जिनमें विटामिन सी और ओमेगा फैटी एसिड अधिक मात्रा में हों। घरों में हवा को शुद्ध करने वाले पौधे लगाएं - अपने घर की हवा को साफ रखने का एक प्राकृतिक तरीका वैसे इनडोर पौधों को रखना है जो हवा को शुद्ध करते हों। अरेका पाम, एलो वेरा, अजलेआ और तुलसी जैसे पौधे आपके घर में ताजापन का अहसास कराने में मदद करते हैं।


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