Monday, 11 November 2019

कहीं आपको डायबिटीज तो नहीं

डायबिटीज एक क्रोनिक डिजीज है और इसके लक्षण छोटी बीमारियों की तरह आम होते है। इससे संबंधित लक्षण दिखाई देने पर भी यह कहना मुश्किल है कि आपको डायबिटीज है। डायबिटीज के लक्षणों का पर्याप्त ज्ञान आपको मधुमेह के बारे में सटीक जानकारी दे सकता हैं। 
डायबिटीज टाइप 2 के कुछ सामान्य लक्षण
अत्यधिक प्यास लगना
थोड़ी-थोड़ी देर में प्यास लगना हाई ब्लड शुगर के स्तर का एक आम प्रकार है। हाई ग्लूकोस स्तर वाले लोगों को अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा प्यास लगती है। हालांकि यह प्रमुख लक्षण नहीं है, लेकिन यह निश्चित रूप से मधुमेह की तरफ इशारा कर सकता है।
बार-बार पेशाब आना
मधुमेह में बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है। जब शरीर में ज्यादा मात्रा में शुगर इकट्ठा हो जाता है तो यह पेशाब के रास्ते से बाहर निकलता है। इसी कारण मधुमेह रोगी को बार-बार पेशाब की शिकायत शुरू हो जाती है। रात में बार-बार पेशाब जाना भी हाई ग्लूकोज स्तर का अन्य लक्षण है। अगर आप लगातार कई दिनों तक रात में उठकर बार-बार पेशाब जाते हैं तो आपको चिकित्सक की सलाह के साथ ही ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए।
अचानक वजन कम होना
मधुमेह का आम लक्षण अचानक वजन का कम होना है। डायबिटीज की शुरूआत में अचानक वजन तेजी से कम होने लगता है। हालांकि वजन किसी और कारण से भी कम हो सकता है। जरूरी नहीं कि आपको डायबिटीज की समस्या हो। फिर भी यदि आपके साथ ऐसा हो तो इसे गंभीरता से लें।
थकान महसूस होना 
डायबिटीज के शुरूआती दिनों में रोगी को पूरे दिन थकान महसूस होती है। भरपूर नींद लेने पर भी सुबह उठने पर ऐसा लगता है कि नींद पूरी नहीं हुई है और थकान महसूस होती है। इससे यह साफ होता है कि ब्लड में शुगर का स्तर लगातार बढ़ रहा है।
टाइप 1 डायबिटीज के लक्षण
टाइप 1 डायबिटीज में टाइप 2 के मुकाबले शरीर द्वारा इन्सुलिन का खराब उत्पादन होता है। टाइप 1 डायबिटीज में टाइप 2 डायबिटीज के लक्षणों के साथ और भी कुछ लक्षण होते हैं। इन लक्षणों से आपको यह पता करने में आसानी होती हैं कि आपको डायबिटीज है या नहीं। 
संक्रमण
योनि या लिंग के आसपास खुजली या नियमित बाउट, संभवतः मधुमेह के कारण हो सकती है। इन समस्याओं से गुजर रहे व्यक्ति को जल्द ही चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।
धुंधला दिखाई देना
मधुमेह दूरदृष्टि के कारण रेटिना में कोशिकाओं को प्रभावित करता है। यह लक्षण लगभग उन सभी लोगों में होते हैं जिनमें हाई ब्लड शुगर की पुष्टि हो जाती है। डायबिटीज अपनी शुरूआत से ही आंखों पर असर डालना शुरू कर देती है। डायबिटीज के शुरू होने पर इसके रोगी की आंखों की रोशनी कम होने लगती है और धुंधला दिखाई देने लगता है। किसी भी वस्तु को देखने के लिए उसे आंखों पर अपेक्षाकृत ज्यादा जोर डालना पड़ता है।


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