Wednesday, 27 November 2019

पोटेशियम हमारे लिए अमृत है

हम यह आलेख एक प्रश्नोत्तरी के साथ शुरू करते हैं। सवाल यह है - उच्च पोटेशियम वाले खाद्य पदार्थ से आपको क्या फायदा पहुंच सकता हैं? आपके लिए निम्नलिखित विकल्प है: 
1. ये मांसपेशियों और नसों को ठीक से काम करने में मदद करते हैं। 
2. शरीर में उचित इलेक्ट्रोलाइट और एसिड-बेस के संतुलन को बनाए रखते हैं। 
3. उच्च रक्तचाप के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं। 
सही उत्तर है: उक्त में से तीनों
जी हाँ, आपने जो पढ़ा वो सच है! पोटेशियम एक बहुत ही महत्वपूर्ण खनिज है जिसे आपको पर्याप्त मात्रा में ग्रहण करना चाहिए।
पोटेशियम क्या है?
पोटेशियम, सोडियम और क्लोराइड खनिजों के इलेक्ट्रोलाइट परिवार में शामिल हैं। इन्हें इलेक्ट्रोलाइट्स कहा जाता है क्योंकि उन्हें जब पानी में घुलाया जाता है तो बिजली का संचालन करते हैं। पोटेशियम मांसपेशियों और नसों की गतिविधि को संचालित करने में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। जिस आवृत्ति और डिग्री से हमारी मांसपेशियां सिकुड़ती हैं, और जिस डिग्री से हमारी नसें उत्तेजित होती हैं, दोनों ही हमारे शरीर में सही मात्रा में पोटेशियम की उपस्थिति पर निर्भर करती हैं।
इसके लिए क्या आवश्यक है?
यह सही है कि हम पोटेशियम के बिना बहुत कुछ नहीं कर सकते। हमारी नसें मांसपेशियों को बताती हैं कि कब क्या करना है और मांसपेशियों नसों से प्राप्त निर्देश के अनुसार काम करती हैं। इस कार्य में पोटेशियम की भूमिका महत्वपूर्ण है। साथ ही यह हमारे शरीर के तरल पदार्थों को संतुलन में रखने में मदद करता है और हमारे रक्तचाप को नियंत्रित करता है। इसके अलावा पोटेशियम मांसपेशियों द्वारा ईंधन के रूप में उपयोग करने के लिए कार्बोहाइड्रेट के भंडारण में भी शामिल होता है। यह शरीर के उचित इलेक्ट्रोलाइट और एसिड-बेस (पीएच) संतुलन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण है और मस्तिष्क को ऑक्सीजन देने में मदद करके कुशल संज्ञानात्मक (काग्निटिव) कार्य को बढ़ावा देता है।
महत्वपूर्ण सुझाव: जिन लोगों को उच्च रक्तचाप का खतरा होता हैं वे सोडियम के सेवन पर तो समुचित ध्यान देते हैं लेकिन बहुत कम लोग पोटेशियम की मात्रा को बढ़ाने के बारे में सोचते हैं। जबकि पोटेशियम रक्तचाप को कम रखने में मदद कर सकता है।
क्या आपको पोटेशियम की कमी है?
आम तौर पर शरीर में पोटेशियम की कमी होने पर मांसपेशियों में ऐंठन और मरोड़, थकान, मांसपेशियों में कमजोरी, सजगता में कमी, दिल की अनियमित धड़कन और हड्डियों के क्षणभंगुर होने जैसी समस्याएं हो सकती है। मानसिक लक्षणों में अनिद्रा, एनोरेक्सिया और डिप्रेशन शामिल हो सकते हैं।
पोटेशियम की पूर्ति कैसे करें?
पोटेशियम की पूर्ति करना आसान है अगर आप पांच दिन इससे भरपूर फल और सब्जियां लेते हैं। इसका मतलब यह है कि आप हर दिन पांच कटोरी फल और सब्जियां खाएं। बहुत से लोग जब पोटेशियम के बारे में सोचते हैं तो उनके दिमाग में केला आता है। यह बिल्कुल सही है क्योंकि मध्यम आकार के एक केले में 450 मिलीग्राम पोटेशियम होता है। लेकिन लोगों को इस बात की जानकारी कम है कि पोटेशियम का एक अच्छा स्रोत आलू है। मध्यम आकार का पकाया हुआ आलू 750 मिलीग्राम पोटेषियम से भरपूर होता है। अन्य उत्कृष्ट स्रोतों में मशरूम, पालक, ब्रोकोली, बैंगन, टमाटर, अजमोद, ककड़ी, स्ट्रॉबेरी, एवोकैडो, खुबानी, अनार, संतरे का रस, फूलगोभी, पत्तागोभी और टूना शामिल हैं।
महत्वपूर्ण जानकारी
पोटेशियम पानी में घुलनशील है, इसलिए यह खाना पकाने के दौरान पानी में मिल जाता है।  उदाहरण के लिए, एक आलू को उबालने के लिए उपयोग किए जाने वाले पानी में यह कम से कम आधा पोटेशियम खो देता है। इस नुकसान को कम करने के लिए, आलू या सब्जियों को उबालने के बजाय स्टीम करना, माइक्रोवेव करना, हल्का तलना या यहां तक कि फ्राइ करने की कोशिश करें। इसके अलावा खाना पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले पानी को फेंके नहीं बल्कि इससे सूप, स्ट्यू और पुलाव के लिए उपयोग करें ताकि आपके खाने में पोटेशियम की मात्रा बढ़ जाए। 


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