Friday, 25 October 2019

अब हृदय को खोले बिना बदले जा सकते हैं दिल के वाल्व

मानव हृदय में चार वाल्व होते हैं जो हृदय की लय के साथ तालमेल बिठाते हुए खुलते और बंद होते हैं। हृदय के भीतर और बाहर रक्त प्रवाह के सही दिशा में बहाव को सुनिश्चित करने में हृदय के वाल्व अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ताकि मानव शरीर में समुचित रक्त की आपूर्ति हो सके। जब कोई हृदय वाल्व ठीक से काम नहीं करता है, तो रोगी के सीने में दर्द, धड़कन का तीव्र होना, सांस की तकलीफ, थकान, कमजोरी, नियमित गतिविधि के स्तर को बनाए रखने में असमर्थता, या यहां तक कि चक्कर आने जैसे विशिष्ट लक्षण प्रकट हो। सकते हैं। इस रोग की पहचान के लिए हृदय रोग विशषज्ञ मुख्य रूप से इकोकार्डियोग्राम (इको), सीटी एजियोग्राम आर कुछ अन्य पराक्षणा का अध्ययन करते हैं। इसक इलाज क तार पर रक्त का पप करने की हृदय की क्षमता बढ़ाने के लिए दवाए दी जा सकती है जो ठीक से काम नहीं कर रहे वाल्य को ठीक से काम करने में मदद कर सकता हा हालांकि, रोगग्रस्त हृदय वाल्व एक यांत्रिक समस्या है जिसे मात्र दवा से ठीक नहीं किया जा सकता है, और क्षतिग्रस्त वाल्व को ठीक करने या बदलने के लिए अक्सर सर्जरी की आवश्यकता होती है। सबसे पहले जब यह निर्धारित कर लिया जाता है कि रोगग्रस्त हृदय वाल्व को इलाज की आवश्यकता है, तो इसके इलाज के उपलब्ध विकल्प वाल्व की मरम्मत या वाल्व प्रतिस्थापन में से किसी एक का चुनाव किया जाता है। वाल्व प्रतिस्थापन ज्यादातर ओपन हार्ट सर्जरी के माध्यम से किया जाता है जिसमें रोगग्रस्त वाल्व के स्थान पर नया टिश्यू नया टिश्यू मेकैनिकल प्रोस्थेटिक वाल्य लगाया जाता है। एशियन अस्पताल ने इस नई तकनीक के माध्यम से फरीदाबाद में एक 68 वर्षाय माहला का पहला ट्रास कथटर एओर्टिक हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट 17 (टीएवीआर) किया। इस तकनीक का इस्तेमाल कर - उनके दिल के क्षतिग्रस्त वाल्व को बटल दिया गया। टीएवीआर तकनीक से यह पहला वाल्व प्रतिस्थापन प्रक्रिया डॉ ऋषि गप्ता और डॉ. सब्रत अखौरी ने किया। इस टीम में डॉ. सिम्मी मनोचा डॉ. उमेश कोहली और डॉ. कमल गुप्ता भी शामिल थे। थोपन हार्ट सर्जरी एक इनवेसिव - प्रक्रिया है और इसमें रिकवरी में लंबा समय लगता है। यह रोगियों (65 वर्ष से अधिक आयु) के लिए एक चुनौती है। जबकि ट्रांस कैथेटर एओर्टिक हाट वाल्व रिलासन (टापार) तकनीक वैसे लोगों के लिए एक नई उपचार तकनीक है जो ओपन हार्ट सर्जरी के लिए तैयार नहीं होते हैं या ओपन हार्ट सर्जरी के खतरों को झेलने के लिए फिट नहीं होते हैं। इस मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया में रोगी की जांघ में बड़ी धमनी (पेट और जांघ के बीच में बड़ी धमनी) के । माध्यम से नए वाल्व लगाए जाते हैं। - इन प्रक्रियाओं को छोटे छिद्रों (1 सेमी) के माध्यम से किया जा सकता है और इसलिए इस प्रक्रिया के बाद रोगी की रिकवरी जल्द होती है। मेरिल एओर्टिक हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट थेरेपी उपलब्ध कराने वाली पहली भारतीय कंपनी है, जिसने देश भर में 100 से अधिक रोगियों को एओर्टिक हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट उपलब्ध कराया है। दिसंबर 2018 में, भारत सरकार ने रोगियों के इलाज के लिए इस वाल्व को मान्यता दे दी। मेरिल दनिया भर के 100 से अधिक देशों में काम करने वाली एक वैश्विक चिकित्सा उपकरण कंपनी है। टांस कैथेटर एओर्टिक हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट (टीएवीआर) के लाभ यह ऐसे रोगियों में किया जाता है . जिन्हें अधिक उम्र के कारण ओपन हार्ट सर्जरी से खतरा होता है। • जिनका वजन अधिक है। • जिनमें किसी अन्य बीमारियों के कारण ओपन हार्ट सर्जरी संभव नहीं है।


डॉ. ऋषि गुप्ता अध्यक्ष इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी एशियन डार्ट सेंटर rishi.gupta@aimsindia.com 


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