Friday, 29 November 2019

दिल के रोगियों के जीवन को बचाएगा कीचेन

जब दिल के दौरे की बात आती है, तो समय ही सब कुछ है और समय पर इलाज होने पर रोगी के जीवित रहने की संभावना दोगुनी हो जाती है। सिबिया मेडिकल सेंटर ने दवाइयों के बक्से (पिल बॉक्स) के साथ कीचेन की षुरुआत की है ताकि आपके पास हमेषा ही आपके जीवन को बचाने वाली दवाई हो। पिल बॉक्स के साथ की चेन उन मरीजों के लिए वरदान साबित होगी जिन्हें दिल की बीमारियों का खतरा बहुत अधिक है। 
लुधियाना के सिबिया मेडिकल सेंटर के निदेशक डॉ. एस. एस. सिबिया कहते हंै, ''सोर्बिट्रेट और एस्पिरीन हृदय रोगियों के सबसे अच्छे दोस्त हैं। हम अपने मरीजों को इन जीवन रक्षक दवाओं वाले पिल बाॅक्स के साथ एक कीचेन देते हैं और उन्हें इन्हें अपने वाहन में रखने या इसमें महत्वपूर्ण चाबियों को रखने की सलाह देते हैं। इस तरह जीवन रक्षक दवाइयां हमेषा उनके पास रहेंगी। हम हर व्यक्ति को विशेष रूप से मधुमेह, उच्च रक्तचाप से पीड़ित, धूम्रपान करने वालों, अधिक वनज वाले, बुजुर्गों और दिल के दौरे के पारिवारिक इतिहास वाले लोगों को हमेशा फस्र्ट एड के रूप में सोर्बिट्रेट और एस्पिरिन टैबलेट को कार, घर और आफिस में पहले से ही रखने की सलाह देते हैं।''
 
ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज रिपोर्ट के अनुसार भारत में हृदय रोग के कारण सालाना 17 लाख लोगों की मौत हो जाती है। दिल का दौरा एक आपात स्थिति है जिसमंे समय पर मदद मिलना महत्वपूर्ण है। आपके आस-पास कही भी किसी भी व्यक्ति को या आपको खुद भी इस अवांछित स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। दुर्भाग्य से अब युवा लोगों को भी हृदय रोग होने और दिल का दौरा पड़ने का खतरा है।
जब कोई चीज धमनियों को अवरुद्ध कर देती है और इसके कारण हृदय तक रक्त के प्रवाह में रुकावट आ जाती है तो परिश्रम करने पर छाती में दर्द और श्वास लेने में दिक्कत होने लगती है। यह एंजाइना है। ऐसी स्थिति में जीभ के नीचे साॅर्बिट्रेट (नाइट्रोग्लिसरीन) का एक टैबलेट रखने पर रक्त वाहिकाओं को आराम मिलता है और वे फैल जाती हैं ताकि रक्त आसानी से बह सके। इससे मिनटों में एंजाइना से राहत मिलती है और रोगी सामान्य रूप सेे चल सकता है और बात कर सकता है।
एंजाइना की स्थिति में यह दवाई मरीज को राहत प्रदान करती है ताकि मरीज जरूरी समय के भीतर निकटतम अस्पताल तक पहुंच जाए और उसका समुचित इलाज षुरू हो सके। एस्पिरिन टैबलेट को चबाने या पानी में घोलकर लेने पर रक्त पतला होता है और साॅर्बिट्रेट टेबलेट को जीभ के नीचे रखने पर हृदय की मांसपेशियों - मायोकार्डियम में रक्त की आपूर्ति बढ़ती है। लोग अक्सर इन गोलियों को अपने पास रखना भूल जाते हैं इसलिए इसलिए कीचेन पिल बॉक्स बनाया गया है ताकि इमरजेंसी में मरीज को यह दवाई मिले।
 
डॉ. सिबिया ने कहा, “कभी-कभी एथेरोस्क्लेरोटिक प्लेक अपनी जगह से हट जाता है और आगे बढ़ने लगता है जिससे कोरोनरी रक्त वाहिकाओं में पूर्ण अवरोध हो जाता है और इसके कारण दिल का दौरा पड़ता है। चबाने वाली एस्पिरिन गोलियां प्लेटलेट को जमा होने से रोकती हैं और इस कोरोनरी अवरोध को बढ़ने से भी रोकती हैं।“
इमरजेंसी में खुद की सहायता पर्याप्त नहीं हो सकती है और ऐसे में किसी मददगार की जरूरत पड़ती है लेकिन अगर किसी को दिल का दौरा पड़े तो यह दवाई दिल के दौरे के कारण हृदय को होने वाले नुकसान से बचाने का यह सबसे आसान तरीका है। अगर दिल का दौरा पड़े तो समय गवाए यह दवाई खाएं और मदद के लिए किसी को बुलाएं या फोन काॅल करें और षीघ्र से षीघ्र अस्पताल पहुंचने की कोशिश करें।
डॉ. एस. एस. सिबिया, सिबिया मेडिकल सेंटर, लुधियाना के निदेशक हैं और साधारण अभिनव उपचार शुरू करने के लिए जाने जाते हैं जो रोगियों को हृदय बाईपास, घुटना प्रत्यारोपण, गुर्दे की पथरी की सर्जरी आदि से बचाने में मदद करते हैं।


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