Wednesday, 6 November 2019

खतरनाक हो सकता है मेंटोस के साथ कोक का सेवन

दिमाग की बत्ती जलाने के दावे के साथ प्रचारित किये जाने वाले मेंटोस खाने के बाद या पहले आप कोक जैसे सोडायुक्त पेय कतई नहीं पीयें अन्यथा आपके जीवन की बत्ती खतरे में पड़ सकती है। 
कई अध्ययनों से पता चला है कि कोक की बोतल में मेंटोस डालने पर विस्फोट जैसा प्रभाव पैदा होता है। कोक में कृत्रिम स्वीटनर, पोटाषियम बेंजोएट (प्रीजरवेटिव) और कैफीन तथा मेंटोस में गम अरेबिक और जिलाटीन जैसे झरने जैसे प्रभाव पैदा करने वाले अन्य सक्रिय अवयव होते हैं और जब ये एक साथ मिलते हैं तो रासायनिक प्रतिक्रिया होती है जो सोडा पर सभी घुलनषील कार्बनडाइक्साइड को एक ही बार में छोड़ने के लिए दबाव डालता है। इस तरह कार्बनिक पानी की तुलना में यह अधिक घातक विस्फोट पैदा करता है। 
लेकिन ऐसा मिंट युक्त मेंटोंस के साथ ही होता है। गैर-मिंट के ऊपर एक चमक होती है और वे इस तरह कार्य नहीं करती। ये सिर्फ मिंट की तरह कार्य करते हैं क्योंकि उनकी सतह गैस को बाहर निकलने के लिए थोड़ा रास्ता खोलती है। 
मेंटोस और कोक के मिलने से झरने जैसा प्रभाव पैदा होना एक गूढ़ रहस्य है जानकारों का मानना है कि यह आयन परिवर्तन के कारण होता है। 
केवल मेंटोस ही नहीं बल्कि पुराना टेबल नमक भी कोक के संपर्क में आने पर इसी तरह का प्रभाव पैदा करता है और केवल कोक ही नहीं, कोई भी कृत्रिम मीठा कार्बोनेटेड सोडा इस तरह का कार्य कर सकता है। अगर आप मुंह में कोक को भरकर दो मेंटोस मुंह में डाल लें तो आपकी नाक से काफी मात्रा में सोडा बाहर आने लगेगा। आप सिर्फ सोडा को पीकर भी इसका आनंद ले सकते हैं और कैंडी बाद में कभी खा लें। हालांकि इसे करना और देखना बहुत मजाकिया है लेकिन इसके पीछे विज्ञान है। यह प्रक्रिया ''न्यूक्लियेषन'' कहलाती है जिसमें मेंटोस कैंडी के विषेश रसायन कार्बोनेटेड डाइट कोक के रसायन के साथ प्रतिक्रिया कर कार्बनडाइक्साइड गैस पैदा करते हैं जो तरल से अचानक बाहर आते हैं और बाहर निकलने के लिए ये किसी भी चीज को तोड़ सकते हैं। 
मेंटोस कैंडीज और सोडा पॉप का संयोजन एक घातक प्रतिक्रिया करते है, संदेह से परे हैं। इसकी पुश्टि के लिए यूट्यूब पर ऐसे लगभग 10000 वीडियो देख सकते हैं। 
कार्बोनेटेड पेय पदार्थों के साथ मेंटोंस को लेने से मृत्यु होना एक अलग मुद्दा है। मेंटोस और कोक पर पिछले छह महीने से प्रयोग हो रहे हैं लेकिन इससे किसी व्यक्ति की मृत्यु होने या षारीरिक नुकसान पहुंचने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। फिर भी इसे साथ लेने की कोषिष कभी न करें।
इन दोनों ही अवयवों को मिश्रित होने की इस झागयुक्त प्रक्रिया को इस प्रकार भी समझा जा सकता है। सोडा में दबावयुक्त कार्बनडाइक्साइड होता है। यह क्रमिक विस्तार करता है और बुलबुले के रूप में इस दबावयुक्त गैस को छोड़ता है जो कार्बोनेटेड पेय को अपनी सनसनाहट वाली विषेशता देता है। जल के अणुओं के साथ इसका मजबूत बंधन गैस को एक बार निकलने से रोकता है।
जब इसमें मेंटोस मिलता है तो दो संभावित दोशी कैंडी जिलेटिन और गम अरेबिक में संयोजी के द्वारा सतह तनाव (सरफेस टेंषन) बाधित होता है और मेंटोस का बाहरी सतह ''न्यूक्लियेषन साइट्स'' उपलब्ध कराता है जो बुलबुले के निर्माण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए उत्साहित करता है। जब आप कार्बोनेटेड पेय में मेंटोस डालते हैं तो अचानक दबावयुक्त गैस निकलता है जो सोडा बोतल के संकीर्ण गले के द्वारा उपर की ओर फव्वारे की तरह बाहर निकलता है।
मेटोस प्लस कोक का अर्थ मौत है, यह अफवाह 70 के दषक में एक षहरी बच्चे के बारे में एक दंतकथा के रूप में पढ़ा जा सकता है। एक दावे के अनुसार एक लाइफ सीरियल टीवी विज्ञापन में नकचढ़े ''छोटे मिकी'' की भूमिका कर रहा एक बाल अभिनेता एक ही समय में पॉप रॉक और सोडा के सेवन के बाद पेट के विस्फोट के बाद मर गया। जबकि वास्तव में, इस अभिनेता का नाम जॉन गिलक्रिस्ट है और 30 साल के बाद भी अभी वह जीवित और स्वस्थ है। और अब तक पॉप रॉक और सोडा के सेवन से किसी भी ज्ञात हताहत का पता नहीं चला है।
कुछ समय पहले भी यह दावा किया था कि कुछ समय पहले ब्राजील में एक छोटा सा लड़का एक साथ मेंटोस खाने और कोकाकोला पीने के बाद मर गया। एक साल पहले भी ब्राजील के ही एक अन्य लड़के के साथ यही घटना हुई थी।
हालांकि इन मामलों में सच्चाई का पता नहीं चल पाया लेकिन खासकर बड़ी मात्रा में मेंटोस और कोक का सेवन हानिकारक हो सकता है। इसके अब तक सुरक्षित पाये जाने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। इसके एक घूंट पीने के बाद ही पेट में बुलबुले निकलने लगते हैं, इससे पेट काफी फैल सकता है और इस अतिरिक्त दबाव के निकलने के लिए रास्ता बनाता है। इससे उल्टी भी हो सकती है और व्यक्ति बीमार हो सकता है। इसलिए इसे दोहराने की मूर्खता न करें और अपने पेट के फैलने की सीमा की जांच न करें। यहां तक कि ऐसा करने के बारे में सोंचे भी नहीं।
इसलिए समझदारी इसी में है कि आप कोक और मेंटोस का सेवन अलग-अलग करें। यहां तक कि सुरक्षा की दृश्टि से ओरल मेंटोस और डाइट कोक का प्रयोग करने से भी बचना चाहिए। जबकि मनोरंजन और षिक्षा के लिए नॉन ओरल प्रयोग किया जा सकता है। लेकिन बच्चों को यह प्रयोग किसी जिम्मेदार व्यक्ति की निगरानी में करना चाहिए।
पिछले साल अप्रैल में ब्राजील के ही प्राथमिक स्कूल में पढ़ रहा 10 साल का एक बच्चा क्लासरूम में ही बेहोष हो गया। स्कूल में ही उसे प्राथमिक चिकित्सा दी गयी और अस्पताल ले जाने के दौरान ही उसकी मृत्यु हो गयी। उसकी मौत का कारण उसका फूला हुआ पेट और घुटन थी। जांच में पाया गया कि उसकी वैसी स्थिति एक ऐसे पदार्थ के खाने से हुई जिसने उसके पेट में विस्फोट पैदा किया। दरअसल उसने एक बोतल कोकाकोला लाइट पीने के बाद मेंटोस मेंथॉल स्वीट खा लिया था। बच्चे की मौत का कारण इन दोनों के मिश्रण से हुआ विस्फोट था।
फ्रांस के केमिकल इंस्टीच्यूट यू एस पी के वैज्ञानिक अलेक्जेंडर बी. मर्जेंथेलर ने व्यावहारिक रूप से यह साबित किया कि कोकाकोला लाइट में पाया जाने वाला पदार्थ 'एसेसुलफेम के आईएनएस 930' मेंटॉस स्वीट के साथ मिलकर 'टीए9वी4' नामक एक घातक रासायनिक प्रतिक्रिया करता है। बहुत थोड़े समय में ही यह संयोजन एक विस्फोट के रूप में उच्च दबाव के साथ भारी मात्रा में गैस को छोड़ता है। 
लेकिन इस घटना के बाद मीडिया में इस संबंध में रिपोर्ट आने और सार्वजनिक प्रतिक्रिया के बाद भी कोकाकोला और मेटॉस पर कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया। इस संबंध में न ही ब्राजील में और न ही दुनिया के किसी भी देष में कोई खबर प्रकाषित हुई कि कोक और मेंटॉस के सेवन से किसी बच्चे की मृत्यु हुई है। सिर्फ अलेक्जेंडर बी. मर्जेंथेलर ने चेतावनी संदेष जारी किया है। 


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