Friday, 8 November 2019

खुले रोम-छिद्र आपके सौंदर्य पर लगा सकते हैं ग्रहण

हर स्त्री की दिली तमन्ना होती है कि उसकी त्वचा स्वस्थ, सुंदर और कांतिमय हो। लेकिन दिनोंदिन बढ़ते प्रदूषण, खान-पान की गलत आदतें और त्वचा के गलत उपचार हमारी कोमल त्वचा को कांतिहीन बना देते हैं। वैसे तो उम्र बढ़ने का प्रभाव सबसे पहले चेहरे की त्वचा पर ही पड़ता है लेकिन त्वचा की सही देखभाल नहीं होने पर त्वचा उम्र से पहले अपना आकर्षण खोने लगती है। त्वचा की सही देखभाल के अभाव में तथा उम्र बढने के कारण त्वचा के रोम-छिद्र खुल जाते हैं जिससे त्वचा की कोमलता खत्म हो जाती है तथा उसकी कसावट और चमक धीरे-धीरे कम होने लगती है और त्वचा के रोम-छिद्र भी खुल जाते हैं। हालांकि रोम-छिद्रों के खुलने की समस्या ज्यादातर तैलीय त्वचा में ही देखने को मिलती है क्योंकि तैलीय त्वचा की तैल ग्रंथियां अधिक सक्रिय रहती हैं। इन ग्रंथियोंसे रोम-छिद्रों के जरिए अतिरिक्त सीवम निकलता रहता है जिससे रोम-छिद्र खुल जाते हैं। खुले रोम-छिद्रों का उपचार सही समय पर नहीं होने पर ये रोम-छिद्र खुले ही रह जाते हैं।


सौंदर्य विशेषज्ञों के अनुसार कई बार गलत मसाज करने से भी रोम-छिद्र खुल जात हैं। कुछ महिलाएं अप्रशिक्षित सौंदर्य विशेषज्ञ से फेशियल कराती हैं। उन्हें यह मालूम नहीं होता कि त्वचा में मसाज करते समय कितना तापमान बढ़ाना है और कितने तापमान तक त्वचा को ले जाना है। गलत मसाज के कारण त्वचा के जो रोम-छिद्र खुल जाते हैं वे बाद में भी खुले ही रह जाते हैं। इसके अलावा बेवजह भाप लेने से भी रोम-छिद्र खुल जाते हैं। त्वचा के रोम-छिद्रअधिक ताप के कारण फैलने लगते हैं तथा रोम-छिद्रों के मुख खुल जाते हैं। बढ़े हुए तापमान का मुख्य प्रभाव त्वचा की तैलीय ग्रंथियों पर पड़ता है। ये ग्रंथियां आवश्यकता से अधिक सक्रिय हो जाती हैं और अधिक तेल  का उत्पादन करने लगती हैं।


भाप लेने पर अधिक ताप के कारण त्वचा के रोम-छिद्र फैलने लगते हैं तथा रोम-छिद्र के मुख खुल जाते हैं। बढ़े हुए तापमान का प्रभाव त्वचा की तैलीय ग्रंथियों पर विशेष रूप से पड़ता है। ये ग्रंथियां आवश्यकता से अधिक सक्रिय हो जाती हैं और ज्यादा तेल का उत्पादन करने लगती हैं।  महिलाएं अक्सर पत्रिकाओं के ब्यूटी कॉलम पढ़कर या किसी ब्यूटी क्लिनिक में भाप का प्रयोग लेने के बाद घर में ही चेहरे पर भाप को अधिक से अधिक और ज्यादा देर तक लेने लगती हैं, लेकिन तेज व लंबे समय तक ली जाने वाली भाप धीरे-धीरे चेहरे की कोमल त्वचा को प्रभावित करने लगती है। इससे उनकी त्वचा के रोम-छिद्र खुल जाते हैं, लेकिन उन्हें यह पता नहीं होता कि रोम-छिद्रों को बंद कैसे करना है जिससे उनकी त्वचा के रोम-छिद्र खुले ही रह जाते हैं। भाप के प्रयोग करने के बाद त्वचा का तापमान सामान्य करने तथा रोम-छिद्रों को बंद करने के लिए बर्फ के ठंडे पानी का प्रयोग किया जाना अति आवश्यक है। कभी-कभी यह समस्या गंभीर रूप  धारण कर लेती है। इसलिए भाप का प्रयोग त्वचा की आवश्यकता तथा जलवायु और वातावरण को    ध्यान में रखकर ही किया जाना चाहिए ताकि इसके कोई दुष्प्रभावन हो। इनके अलावा गलत फेस-पैक लगाने, धूप में अधिक देर तक रहने और गर्मियों में त्वचा का उचित ख्याल नहीं रखने से भी यह समस्या हो सकती है।


खुले रोम-छिद्रों की समस्या का उपचार समय पर किया जाना बहुत जरूरी  है। इसका उपचार हर्बल पैक से किया जाता है। इस पैक से चेहरे पर मसाज की जाती है। चेहरे पर कितनी देर तक और कितने दबाव से मसाज करनी है, इसका निर्णय त्वचा को ध्यान में रखकर किया जाता है। उसके बाद स्किन फूड दिया जाता है। इसके अलावा त्वचा पर हॉट और कोल्ड ट्रीटमेंट दिया जाता है। उसके बाद चेहरे पर खुले रोम-छिद्रों के लिए विशेष तौर पर बनाया गया पैक लगाया जाता है।


इस उपचार को निश्चित समय पर लेते रहना चाहिये अन्यथा खुले छिद्र की समस्या दोबारा उत्पन्न हो सकती है। साथ ही त्वचा की सही देखभाल एवं धूप तथा प्रदूषण से उसकी रक्षा भी जरूरी  है।


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