Tuesday, 5 November 2019

अनचाहे बाल, जब करें परेशान


अनचाही बाल ऐसी अनचाही बला है जिससे हर महिलायें छुटकारा पाना चाहती है। चेहरेहाथोंपैरों और शरीर के अन्य हिस्से में उगे अनचाहे बाल अच्छे खासे सौंदर्य एवं व्यक्तित्व में ग्रहण लगा देते हैं। फैशन के इस जमाने में जब केप्री एवं स्लीवलेस परिधानों का प्रचलन बढ़ रहा है तब अनचाहे बाल हीनभावना एवं षर्मिंदगी के कारण भी बन रहे हैं। कई महिलायें अपने चमकते-दमकते चेहरे एवं शरीर के विभिन्न अंगों पर उगे अनचाहे बालों को हटाने के लिये प्लंकिंग, थरेडिंगवैक्सिंगब्लीचिंगशेविंगइलेक्ट्रोलिसिसथर्मोलाइसिसथर्मोहर्ब और क्रीम जैसे अनेक उपायों का सहारा लेती हैं लेकिन ये परम्परागत उपाय कष्टदायक एवं दुष्प्रभाव युक्त होने के साथ-साथ अनचाहे बालों से स्थायी तौर पर निजात नहीं दिला पाते हैं।


नयी दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-1 (ई - 34) स्थित काॅस्मेटिक लेजर सर्जरी सेंटर आफ इंडिया (सीएलएससीआई) के निदेशक तथा जाने माने कास्मेटिक चिकित्सक डा. पी. के तलवार बताते हैं कि इन परम्रागत उपायों से अनचाहे बाल हटाने पर त्वचा में संक्रमणखुजली एवं दाग होने की आशंका रहती है। यही नहीं कई बार इन अस्थायी उपायों से अस्थायी तौर पर हटाये गये बाल भद्दे खूंट की तरह उग आते हैं जिससे चेहरा और शरीर के अन्य भाग पहले से भी खराब लगने लगते हैं। जबकि लेजर तकनीक से स्थायी तौर पर इन बालों को हटाना जा सकता है। यह तकनीक पूरी तरह से दुष्प्रभाव एवं कष्ट रहित है। वैसे तो इसके लिये अनेक तरह के लेजर का विकास हुआ है लेकिन अनचाहे बालों को हटाने में एपाइलेशन लेजर काफी कारगर साबित हो रहा है।


नयी दिल्ली के मैक्स हास्‍पीटल से जुड़े डा. तलवार बताते हैं कि चेहरे एवं शरीर के विभिन्न अंगों पर अनचाहे बालों के उगने के अनेक कारण हैं जिनमें हार्मोन असंतुलन प्रमुख हैं। किशोरावस्था के दौरान शरीर में होने वाले परिवर्तनों के कारण हार्मोन उत्पन्न करने वाली एंडोक्राइन ग्रंथियां ज्यादा क्रियाशील हो जाती हैं। इसके परिणामस्वरूप किशोरियों में ऊपरी होठों के ऊपर तथा ठुड्डी पर अनचाहे बाल आ जाते हैं। गर्भावस्था के दौरान हारमोन के संतुलन में गड़बड़ी आने से शरीर के कुछ भागों पर अनचाहे बाल उग सकते हैं। हालांकि प्रसव के बाद जब शारीरिक स्थिति सामान्य हो जाती है तब ऐसे अनचाहे बालों का उगना बंद हो जाता है। इसके अलावा गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन से भी शरीर पर अनचाहे बालों के उगने की आशंका रहती है। इन दवाइयों के सेवन से शरीर में होने वाले हार्माेन संबंधी असंतुलन अनचाहे बालों की उत्पत्ति के कारण बन सकते हैं। कार्टीसोन जैसी उच्च शक्ति वाली दवाइयों के सेवन से भी अनचाहे बाल उग सकते हैं। इसके अलावा अत्यधिक व्यस्तता एवं तनाव के कारण थायराॅइड गं्रथि के बहुत अधिक सक्रिय हो जाने के कारण या नर्वसनेस की समस्या से भी अनचाहे बाल उग सकते हैं। शारीरिक वजन बढ़ने से भी अनचाहे बाल उग सकते हैं।



लेजर सर्जरी पर आधारित विषेश वेबसाईट www.clsci.net के अनुसार लेजर की मदद से बहुत कम समय में काफी बड़े क्षेत्र से अनचाहे बालों को हटाया जा सकता है। शरीर के अनचाहे बालों को हटाने के लिये प्रयुक्त लेजर केवल बालों की जडों अथवा रोम कूपों (हेयर फालिकल्स) पर असर डालता है और बाकी भाग को अप्रभावित छोड़ देता है। इस कारण आसपास की त्वचा को कोई नुकसान पहुंचे बगैर अनचाहे बाल हमेशा के लिये समाप्त हो जाते है। लेजर मशीन से निकलने वाली प्रकाश किरणें बालों के रोमकूप से अवशोषित होती हैं। लेजर ऊर्जा एक सेकेंड से भी कम समय में रोमकूप को नष्ट कर देती है। लेजर से न केवल चेहरे के अनचाहे बालों को बल्कि ऊपरी होठों के ऊपरी हिस्सेबांहोंटांगोंहाथोंजांघोंपेटछातीगर्दनपीठकंधोंठुड्डी जैसे शरीर के विभिन्न अंगों पर उगे बालों को बिना किसी दुष्प्रभाव एवं कष्ट के समाप्त किया जा सकता है।


अनचाहे बालों को हटाने के लिये एपाइलेशन लेजर का प्रयोग करने वाले इने-गिने कास्‍मेटिक सर्जनों में से एक डा. पी.के.तलवार बताते हैं कि अनचाहे बालों को स्थायी तौर पर हटाने के लिये सबसे पहले रूबी लेजर का विकास हुआ। लेकिन रूबी लेजर की सीमाओं एवं जटिलताओं के मद्देनजर बाद में कई तरह के लेजर का विकास हुआ जिनमें एपाइलेशन लेजर सबसे कारगर एवं सुरक्षित साबित हुआ है क्योंकि एपाइलेशन नामक आधुनिकतम श्रेणी के लेजर से त्वचा को नुकसान होने की आशंका नहीं होती है।


 

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